Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 29, Verse 9
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 29, verse 9 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 29 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
पौरुषेण न यत्प्राप्तं न तत्क्वचन लभ्यते ।
दैवैकपरतां त्यक्त्वा बालबोधोपकल्पिताम् ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
इसलिये
बालबुद्धि से कल्पित एकमात्र दैवपराधीनता का परित्याग कर और असली प्रयत्न का आश्रय लेकर
सबसे पहले पुरुष को अपने चित्त का निरोध करना चाहिए