Yoga Vasistha — Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 29, Verse 7
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Nirvana Prakarana Purva (Liberation, Part 1), Sarga 29, verse 7 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
निर्वाण प्रकरण (पूर्वार्ध) · सर्ग 29 · श्लोक 7
संस्कृत श्लोक
प्रयत्नाद्रोधितमपि प्रवहत्येव वेगतः ।
परं पौरुषमास्थाय बलं प्रज्ञां च युक्तितः ॥ ७ ॥
हिन्दी अर्थ
इसलिए उत्तम पुरुषार्थ का यानी ज्ञानाभ्यास एवं
वैराग्य की दृढ़ता का अवलम्बन कर शास्त्रानुसारी युक्तियों से विवेकज्ञानरूपी बल प्राप्त कर चित्तरूपी
संसार-चक्र की नाभि का अवरोध करना ही चाहिए