Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 92, Verse 26
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 92, verse 26 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 92 · श्लोक 26
संस्कृत श्लोक
वासनासंपरित्यागाच्चित्तं गच्छत्यचित्तताम् ।
प्राणस्पन्दनिरोधाच्च यथेच्छसि तथा कुरु ॥ २६ ॥
हिन्दी अर्थ
योगी लोग चित्त की शान्ति के लिए योगशारत्र मेँ बतलाये गये
प्राणायाम, ध्यान तथा सद्गुरु के सम्प्रदाय आदि से सिद्ध युक्ति-कल्पित शान्तिकारक उपायों के
अभ्यास से प्राण का निरोध करते हैं