Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 90, Verse 62
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 90, verse 62 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 90 · श्लोक 62
इस समूह का संस्कृत श्लोक-संरेखण अभी परिष्कृत किया जा रहा है; नीचे इसका हिन्दी अर्थ दिया गया है।
हिन्दी अर्थ
अन्तिम प्रश्न का अनुवादपूर्वक उत्तर देते हैं।
हे श्रीरामजी, अब आप यह सुनिये कि जिन उपायों से ब्रह्म ज्ञात होता है, उस उपायों से समन्वित
बड़े महात्माओ में सर्वश्रेष्ठ यह महामुनि वीतहव्य उसी समय अपनी देह का उत्सर्जन कर मुक्त क्यों
नहीं हो गये ?