Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 90, Verse 52

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 90, verse 52 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

उपशम प्रकरण · सर्ग 90 · श्लोक 52

इस समूह का संस्कृत श्लोक-संरेखण अभी परिष्कृत किया जा रहा है; नीचे इसका हिन्दी अर्थ दिया गया है।

हिन्दी अर्थ

"कथं क्लिन्ना न भूतले“ (वीतहव्य की देह पृथ्वी में सड क्यो नहीं गई) इसका उत्तर देते हैं। काष्ठ, लोष्ट (मिट्टी का ढेला), पत्थर आदि सर्वत्र स्थानों में मूक बालक के समान सामान्यरूप से संवित्‌-सत्ता अवस्थित रहती हे