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Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 72, Verse 43

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 72, verse 43 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

उपशम प्रकरण · सर्ग 72 · श्लोक 43

संस्कृत श्लोक

न पदार्थो नापदार्थो न पञ्चात्मा न पञ्च च । यदिदं दृश्यतां प्राप्तं मनःषष्ठेन्द्रियास्पदम् ॥ ४३ ॥

हिन्दी अर्थ

तब अन्तःकरण का कारण कौन है ? इस प्रश्न पर उसका कारण कहते है । प्रखर बुद्धिवाले विद्वान लोग यह कहते हैं कि संसार की सृष्टि में विचार, अज्ञान ओर मूढता ही सारभूत है ओर यही अन्तःकरण में हेतु हे