Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 69, Verse 36
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 69, verse 36 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 69 · श्लोक 36
इस समूह का संस्कृत श्लोक-संरेखण अभी परिष्कृत किया जा रहा है; नीचे इसका हिन्दी अर्थ दिया गया है।
हिन्दी अर्थ
प्रिय रामजी, वृक्ष के ऊपर मच्छरों की पंक्ति की नाईं पाताल में जल-प्रवाह के सदृश आवर्त वृत्ति
धारणकर आकाश में जो नक्षत्र चक्र घुम रहा है, वह भी संसक्ति की सामर्थ्य है