Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 61, Verse 28
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 61, verse 28 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 61 · श्लोक 28
संस्कृत श्लोक
ज्ञानमेतन्मया प्राप्तं त्वया ज्ञातं यथाऽनघ ।
माण्डव्यस्य प्रसादेन परमात्मप्रसादजम् ॥ २८ ॥
हिन्दी अर्थ
राजन्, जैसे आपने महामुनि माण्डव्य के प्रकाश से परम तत्त्व
जाना वैसे ही मैंने तप से आराधित परमात्मा के प्रसाद से यह ज्ञान पाया हे