Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 54, Verse 79
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 54, verse 79 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 54 · श्लोक 79
संस्कृत श्लोक
आरुह्येदं विमानं त्वमेहि त्रैविष्टपं पुरम् ।
स्वर्ग एव हि सीमान्तो जगत्संभोगसंपदाम् ॥ ७९ ॥
हिन्दी अर्थ
हे भगवान्, आइये ओर इस विमान पर चढ़कर देवताओं के नगर को चलिये
(स्वर्ग को चलिये), क्योकि संसार के उपभोगों की अन्तिम सीमा स्वर्ग ही है