Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 54, Verse 60
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 54, verse 60 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 54 · श्लोक 60
संस्कृत श्लोक
शरीरात्समवेतोऽसौ कामप्यवनिमागतः ।
सत्तासामान्यरूपात्मा बभूवानन्दसागरः ॥ ६० ॥
हिन्दी अर्थ
उद्दालक ऋषि शरीर से पृथक् होकर शुद्ध हुए की नाई
अनिवर्चनीय अवस्थिति को प्राप्त करते हुए सन्मात्रस्वभावरूप होकर आनन्द के सागर हो गये