Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 54, Verse 40
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 54, verse 40 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 54 · श्लोक 40
संस्कृत श्लोक
शरन्नभोवदासाद्य निर्मलामतिसौम्यताम् ।
जहार परिपूर्णाब्धेर्निर्वातस्याचलां श्रियम् ॥ ४० ॥
हिन्दी अर्थ
जिस प्रकार
शरद् ऋतु में आकाश निर्मल सौम्यता को प्राप्त करता है उसी प्रकार उन्होने क्षोभ आदि विहीनता
प्राप्त करके निर्वात एवं परिपूर्ण समुद्र की अचल शोभा को हर लिया। भाव यह है कि धारणा द्वारा आत्म
ध्यान में पूर्ण विश्रान्ति प्राप्त की