Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 54, Verse 10
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 54, verse 10 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 54 · श्लोक 10
संस्कृत श्लोक
अथेतरांशावसरे प्रणवस्य समस्थितौ ।
निष्कम्पकुम्भको नाम प्राणानामभवत्क्रमः ॥ १० ॥
हिन्दी अर्थ
इसके अनन्तर दूसरे “उकार” अंश के
अनुदात्स्वरसे गंभीर उच्चारण के समय प्रणव की समस्थिति होने पर प्राणों का निश्चल कुम्भक नाम
का क्रम हुआ