Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 53, Verse 23
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 53, verse 23 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 53 · श्लोक 23
संस्कृत श्लोक
अतत्त्वालोकजातेयमहंकारचमत्कृतिः ।
तापेन हिमलेखेव तत्त्वालोके विलीयते ॥ २३ ॥
हिन्दी अर्थ
यह अहंकार चमत्कार आत्मतत्त्व के अज्ञान से उत्पन्न हुआ है तत्त्वज्ञान
होने पर तो जैसे सूर्य के ताप से हिम-कणिका गल जाती है वैसे ही यह गल जाता है