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Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 52, Verse 40

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 52, verse 40 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

उपशम प्रकरण · सर्ग 52 · श्लोक 40

संस्कृत श्लोक

इदं मांसमिदं रक्तमिमान्यस्थीनि देहके । इमे ते श्वासमरुतः कोऽसावहमिति स्थितः ॥ ४० ॥

हिन्दी अर्थ

विवेचन का प्रकार दिखलाते हैं। देह में यह मांस है, यह रक्त है, ये हड्डियाँ है, ये श्वासवायु है, यह "अहम्‌" रूप से स्थित कौन है ? भाव यह किं इदन्ता से गृहीत हो रहे मांस आदि में वह अहंशब्दार्थ कोई भी नहीं हे क्योकि इदन्ता ओर अहन्ता का परस्पर विरोध हे