Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 51, Verse 23
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 51, verse 23 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 51 · श्लोक 23
संस्कृत श्लोक
कदेमां जागतैर्भूतैः क्रियमाणामसन्मयीम् ।
क्रियामपहसिष्यामि बाललीलामिवाकुलाम् ॥ २३ ॥
हिन्दी अर्थ
मैं जगत् के प्राणियों से की जा रही असन्मयी तथा चित्त को व्यग्र करनेवाली इस
बाह्न प्रवृत्ति का बालकों की क्रीडा के तुल्य कब उपहास करूँगा ?