Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 49, Verse 3
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 49, verse 3 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 49 · श्लोक 3
संस्कृत श्लोक
आजगामैनमल्पेन कालेनाथ जनार्दनः ।
सकृदाराधनेनैव माधवो याति बन्धुताम् ॥ ३ ॥
हिन्दी अर्थ
तदुपरान्त
थोड़े ही समय में भगवान् श्रीहरि उनके पास आये । भगवान एक बार थोडी-सी आराधना से ही बन्धुता
को प्राप्त हो जाते हैं