Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 48, Verse 30
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 48, verse 30 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 48 · श्लोक 30
संस्कृत श्लोक
इदं तत्कीरजनताराज्यं प्राग्भुक्तमद्य मे ।
आत्मजन्मान्तराचार इव प्रत्यक्षतां गतम् ॥ ३० ॥
हिन्दी अर्थ
यह वही कीर जनता
का राज्य है, जिसका मैंने पहले उपभोग किया था और जिसका आज अपने पूर्वजन्म के चरित्र की भाँति
मुझे प्रत्यक्ष हुआ हे