Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 47, Verse 60
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 47, verse 60 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 47 · श्लोक 60
संस्कृत श्लोक
यस्ततो देशमुत्सृज्य ययौ कीरपुरान्तरम् ।
वर्षाण्यष्टावनुद्वेगं तत्र राजा बभूव सः ॥ ६० ॥
हिन्दी अर्थ
तदनन्तर जो देश का त्याग कर कीरप्रदेश में गया, वहाँ पर बिना किसी उद्वेग के आठ वर्ष
तक राजा हुआ