Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 46, Verse 26
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 46, verse 26 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 46 · श्लोक 26
संस्कृत श्लोक
मन्दोत्साहाः समुद्भूताः सभ्यसंघातवर्जिताः ।
न तदाज्ञाः पदं प्रापुर्भस्मनीवाम्बुविप्रुषः ॥ २६ ॥
हिन्दी अर्थ
अपनी आज्ञाशक्ति से उसने जनता को क्यो वशीभूत नहीं किया ? ऐसी शंका होने पर कहते हैं।
योद्धाआदि के समुदाय से उपेक्षित मन्दोत्साह हुई उसकी आज्ञा, भस्म में जलबिन्दुओं के समान,
आज्ञापन योग्य पुरुष को प्राप्त न कर सकी