Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 42, Verse 9
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 42, verse 9 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 42 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
इमां प्रह्रादसंसिद्धिं प्रविचारयता नृणाम् ।
सप्तजन्मकृतं पापं क्षयमायात्यसंशयम् ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
प्रह्लाद की इस सिद्धि का विचारकर रहे लोगों के सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते है, इसमें
कोई सन्देह नहीं है