Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 42, Verse 16
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 42, verse 16 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 42 · श्लोक 16
संस्कृत श्लोक
अपि वर्षसहस्रान्ते तयेवान्तरवस्थया ।
सति देहे प्रबुध्यन्ते जीवन्मुक्ता रघूद्वह ॥ १६ ॥
हिन्दी अर्थ
हे रघुवर, देह धारण हेतु
प्रारब्ध के शेष रहने पर हजारों वर्षो के बाद भी हृदयमें स्थित उसी वासना से वे प्रबोध को प्राप्त होते
हैं