Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 41, Verse 32
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 41, verse 32 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 41 · श्लोक 32
संस्कृत श्लोक
इष्टानिष्टफलं त्यक्त्वा समदर्शनया धिया ।
वीतरागभयक्रोधो राज्यं समनुपालय ॥ ३२ ॥
हिन्दी अर्थ
अनुराग, भय और क्रोध से रहित तुम, इष्ट ओर अनिष्ट फल का त्यागकर समबुद्धि
से राज्य का पालन करो