Guru's AddaGuru's Adda

Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 41, Verse 18

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 41, verse 18 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

उपशम प्रकरण · सर्ग 41 · श्लोक 18

संस्कृत श्लोक

भावाभावविनिर्मुक्तो हेयोपादेयवर्जितः । एवमासमहं पूर्वमधुनेत्थं व्यवस्थितः ॥ १८ ॥

हिन्दी अर्थ

समाधिकाल में में इष्ट ओर अनिष्ट (प्रिय ओर अप्रिय) से रहित हेयोपादेय से विहीन था । इस समय (व्युत्थान काल में) यों (आपसे आज्ञप्त पदार्थो के ग्रहण की योग्यता से) स्थित हूँ