Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 35, Verse 26
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 35, verse 26 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 35 · श्लोक 26
संस्कृत श्लोक
मषीपिण्डे यथा कार्ष्ण्यं शैत्यं हिमकणे यथा ।
यथा पुष्पेषु सौगन्ध्यं देहे देहपतिस्तथा ॥ २६ ॥
हिन्दी अर्थ
काजल में जैसे कालिमा है, हिमकण में जैसे
शीतलता हे, पुष्पों मेँ जसे सुगन्ध हे वैसे ही देह में देहपति (आत्मा) प्रकाशित होता है