Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 30, Verse 9
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 30, verse 9 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 30 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
अथ पुत्रसहायोऽसौ बलकोशसमन्वितः ।
आजगाम मदं दैत्यस्त्रिगण्डगलितेभवत् ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
तदनन्तर पुत्रं की सहायता, सेना और धनसम्पत्ति से युक्त वह दैत्य
साठ वर्ष के हाथी के समान मदोन्मत्त हुआ