Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 3, Verse 13
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 3, verse 13 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 3 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
त्रीणि तत्र पदान्याशु तदा दशरथो नृपः ।
निर्जगाम महावीरः सिंहासनसमुत्थितः ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
उनके सभा में
प्रवेश करने के समय महाबली राजा दशरथ सिंहासन से शीघ्र उठकर वहाँ पर तीन कदम उनके स्वागत
के लिए गये