Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 29, Verse 4
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 29, verse 4 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 29 · श्लोक 4
संस्कृत श्लोक
अहो नु रम्या पदवी शीतला पारमार्थिकी ।
अहमस्यां क्षणं स्थित्वा परां विश्रान्तिमागतः ॥ ४ ॥
हिन्दी अर्थ
अहा ! यह पदवी बड़ी रमणीय, शीतल ओर पारमार्थिक हे । मैं इस पदवी में एक क्षण (०३)
स्थित होकर विश्रान्ति को प्राप्त हुआ हूँ