Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 25, Verse 16
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 25, verse 16 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 25 · श्लोक 16
संस्कृत श्लोक
एतया तदलं मेऽस्तु तुच्छया पूर्वचिन्तया ।
पौरुषं याति साफल्यं वर्तमानचिकित्सया ॥ १६ ॥
हिन्दी अर्थ
अथवा बीते हुए के लिए शोक करने से क्या प्रयोजन है ?
अब मैं वर्तमान मोह चिकित्सा द्वारा पुरुष जन्म की सफलता के उपाय का चिन्तन करूँ, ऐसा
कहते हैं ।
इसलिए इस तुच्छ अतीत की चिन्ता से मेरा क्या प्रयोजन सिद्ध हो सकता है ? वर्तमान मोह के
प्रतीकार से पुरुषजन्म सफलता को प्राप्त होता हे