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Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 20, Verse 6

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 20, verse 6 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

उपशम प्रकरण · सर्ग 20 · श्लोक 6

संस्कृत श्लोक

दृष्ट्या तु पारमार्थिक्या न कश्चित्त्वं न वास्म्यहम् । मिथ्याज्ञानमिदं पुण्यः पावनश्चेति वल्गति ॥ ६ ॥

हिन्दी अर्थ

परमार्थदुष्टि से न पावन शब्द वाच्य तुम कोई हो अथवा न पुण्य शब्द वाच्य मैं ही कोई हूँ, यह मिथ्या ज्ञान (देहात्मभ्रम) ही पुण्य-पावन शब्द से प्रसिद्ध होता हे