Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 20, Verse 11
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 20, verse 11 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 20 · श्लोक 11
संस्कृत श्लोक
बभूवुस्तेऽलमन्यत्र चित्रासु वनराजिषु ।
बहवो बन्धवो वृक्षास्तान्कथं नानुशोचसि ॥ ११ ॥
हिन्दी अर्थ
अन्य जन्मों में बड़ी विचित्र वनपंक्तियों में तुम्हारे बहुत से वृक्ष अत्यन्त बन्धु हुए थे,
उनके लिए तुम शोक क्यों नहीं करते ?