Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 14, Verse 46
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 14, verse 46 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 14 · श्लोक 46
संस्कृत श्लोक
दृश्यमाश्रयसीदं चेत्तत्सचित्तोऽसि बान्धवान् ।
दृश्यं संत्यजसीदं चेत्तत्सचित्तोसि मोक्षवान् ॥ ४६ ॥
हिन्दी अर्थ
अव बन्ध और मोक्ष का रहस्य कहते हैं।
यदि आप इस दृश्य का अवलम्बन करते हैं, तो आप चित्त युक्त और बंधनवाले हैं यदि आप इस
दृश्य का त्याग करते हैं, तो आप चित्तशून्य ओर मोक्षवान हैं