Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 14, Verse 20
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 14, verse 20 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 14 · श्लोक 20
संस्कृत श्लोक
जले जलचरव्यूहान्सूक्ष्मान्स्थूलो निकृन्तति ।
ग्रासार्थं निर्दयो मत्स्यः कैवात्र परिदेवना ॥ २० ॥
हिन्दी अर्थ
निर्दय बड़ी मछली जल में छोटे छोटे अनेक अनेक जलजीवों को अपने आहार के लिए काटती है। इसमें
कौन-सा शोक है