Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 13, Verses 59–60
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 13, verses 59–60 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 13 · श्लोक 59 ,60
संस्कृत श्लोक
कलना सर्वजन्तूनां विज्ञानेन शमेन च ।
प्रबुद्धा ब्रह्मतामेति भ्रमतीतरथा जगत् ॥ ५९ ॥
व्यामोहमदिरामत्तां लुठितां विषयावटे ।
आत्मावेदनसंसुप्तां कलनामेव बोधयेत् ॥ ६० ॥
हिन्दी अर्थ
शास्त्रजन्यज्ञान से, शम आदि साधनयुक्त मनन ओर निदिध्यासनं से प्रबुद्ध हुई सब लोगों की कलना
ब्रह्मता को प्राप्त होती है, अन्यथा संसार में भ्रमण करती हे । रागरूपी मदिरा से मत्त, विषयरूपी गड्ढे
में गिरी हुई और आत्मा के अज्ञान से सोई हुई कलना को ही प्रबुद्ध करना चाहिये