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Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 13, Verse 39

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 13, verse 39 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

उपशम प्रकरण · सर्ग 13 · श्लोक 39

संस्कृत श्लोक

समतामलमाश्रित्य संप्राप्तं कार्यमाहरन् । अचिन्तयंस्तथाऽप्राप्तं विहरेह हि राघव ॥ ३९ ॥

हिन्दी अर्थ

आस्था का त्याग करने पर समता भी सिद्ध होती है, ऐसा कहते हैं। हे श्रीरामचन्द्रजी, समता का पूर्णरूप से अवलम्बन कर प्राप्त कार्य कर रहे और अप्राप्त कार्य का चिन्तन न कर रहे आप इस लोक में विहार कीजिये