Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 11, Verse 12
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 11, verse 12 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 11 · श्लोक 12
संस्कृत श्लोक
मनागपि न संबन्धस्तव दृश्येन वस्तुना ।
अविद्यमानरूपेण संबन्धः कोऽयमीदृशः ॥ १२ ॥
हिन्दी अर्थ
यदि कोई शंका करे कि दृश्य का सम्बन्ध रहते उससे होनेवाले वैषम्य का त्याग कैसे हो सकता है ?
तो इस पर कहते है ।
वत्स, तुम्हारा दृश्य वस्तु के साथ तनिक भी सम्बन्ध नहीं है । जिसका स्वरूप विद्यमान नहीं हैं,
ऐसे असद्रूप दृश्य से सद्रूप तुम्हारा सम्बन्ध ही कोन है ?