Yoga Vasistha — Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 10, Verse 3
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Upashama Prakarana (Dissolution), Sarga 10, verse 3 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
उपशम प्रकरण · सर्ग 10 · श्लोक 3
संस्कृत श्लोक
एताः कुसुमकर्पूरकुङ्कुमाम्बुघटाः स्त्रियः ।
स्नानभूमौ स्थिताः सज्जा नद्यो मूर्तियुता इव ॥ ३ ॥
हिन्दी अर्थ
फूल, कपूर ओर कुंकुम से (केसर से) मिश्रित
जल के घड़ों से युक्त ये स्त्रियाँ मूर्तिमती नदियों की भाँति सज-धज कर स्नान भूमि में खड़ी हैं