Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 9, Verse 6
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 9, verse 6 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 9 · श्लोक 6
संस्कृत श्लोक
मन्दराचलसानुस्था सा तनुस्तस्य धीमतः ।
तापप्रसरसंशुष्का चर्मशेषा बभूव ह ॥ ६ ॥
हिन्दी अर्थ
उस धीमान का मन्दराचल के शिखर पर स्थित वह स्थूल शरीर
ताप की अधिकता से सूखकर बाहर केवल चर्मशेष रहा ओर भीतर केवल हड्डी ही उसमें रह गई