Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 8, Verse 16
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 8, verse 16 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 8 · श्लोक 16
संस्कृत श्लोक
परालूनसमस्ताङ्गो हृतस्यन्दननन्दनः ।
चिन्तापरवशो ध्वस्तः समितीव हतो भटः ॥ १६ ॥
हिन्दी अर्थ
जिनके सब दिव्य अंग-
प्रत्यंग कट गये थे और विमान, नन्दनवन तथा वस्त्र, आभूषण आदि के उपभोग के साधन जिनसे छीने
गये थे एवं चिन्ताग्रस्त श्री शुक्राचार्य युद्ध में मारे गये योद्धा की नाई नीचे गिर गये