Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 7, Verse 9
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 7, verse 9 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 7 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
प्रातरर्कनलिन्योर्या शोभा सैव तयोरभूत् ।
संकल्पितार्थदायित्वाद्देशस्याभूच्च तेन सा ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
चूँकि स्वर्गरूप देश संकल्पित अर्थ को
देनेवाला हे, अतएव सम्पूर्णं अंग को विवश करके उसके द्वारा वह काम के लिए अर्पित हुई