Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 6, Verse 9
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 6, verse 9 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 6 · श्लोक 9
संस्कृत श्लोक
अयं स रणवृत्तान्तहेतिकण्डूयिताननः ।
ऐरावणो रणे दन्तप्रोतदैत्येन्द्रमण्डलः ॥ ९ ॥
हिन्दी अर्थ
युद्धो में शस्त्रास्त्रों के प्रहारों से जिसका मुंह खुजलाया गया है ऐसा यह ऐरावत है, इसने
संग्राम में अनेक दैत्यों को अपने दांतों में पिरो दिया था