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Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 6, Verse 3

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 6, verse 3 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

स्थिति प्रकरण · सर्ग 6 · श्लोक 3

संस्कृत श्लोक

इमे ते मृदुमन्दारकुसुमोत्तंससुन्दराः । द्रवत्कनकनिष्यन्दविलासिवपुषः सुराः ॥ ३ ॥

हिन्दी अर्थ

कोमल मन्दार के फूलों की शिरोमालाओं ओर कर्णफूलों से विभूषित ये देवता हैं, इनके शरीर बह रहे सुवर्ण के द्रव के समान सुन्दर है