Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 52, Verse 5
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 52, verse 5 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 52 · श्लोक 5
संस्कृत श्लोक
अस्ति राजा महावीर्यो विख्यातो भुवनत्रये ।
नाम्ना खोत्थ इति श्रीमाञ्जगदाक्रमणक्षमः ॥ ५ ॥
हिन्दी अर्थ
तीनों लोकों मे विख्यात महापराक्रमी एक राजा है । उसका नाम खोत्थ है, वह
बड़ा समृद्धिशाली और तीनों लोकों पर आक्रमण करने में समर्थ है