Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 49, Verse 29
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 49, verse 29 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 49 · श्लोक 29
संस्कृत श्लोक
लतापुष्पफलोल्लासं प्रान्तपञ्चमहीरुहाम् ।
विहसन्तमिवाच्छाभिः पुष्पकुड्मलदीप्तिभिः ॥ २९ ॥
हिन्दी अर्थ
समीप में स्थित
वट, गूलर, पाकड, आम ओर पलाश नामक पाँच पवित्र वृक्षों के या उत्तर प्रदेश में (मेरु में) स्थित
मन्दार आदि पाँच वृक्षों के लता-पुष्प, फल आदि के उल्लास का अपने स्वच्छ फूलों की कलियों की
कान्ति से मानों उपहास कर रहा था