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Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 47, Verse 62

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 47, verse 62 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

स्थिति प्रकरण · सर्ग 47 · श्लोक 62

संस्कृत श्लोक

महाकल्पावधिः कालेन संसारितयेद्धया । न भविष्यति संसार इदानीमिति युज्यते ॥ ६२ ॥

हिन्दी अर्थ

अधिष्ठान चैतन्य से दीप्त संसारिता ओर काल से उपलक्षित संसार महाकल्प तक रहता है, आगे नहीं रहेगा, यह व्यवहार इस समय उचित ही हे