Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 43, Verse 15
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 43, verse 15 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 43 · श्लोक 15
संस्कृत श्लोक
केचित्सारसचक्राह्वबलाकाबककोकिलाः ।
केचित्कमलकह्वारकुमुदोत्पलतां गताः ॥ १५ ॥
हिन्दी अर्थ
कोई सारस, चकोर,
बलाका, बतक, कोकिल के रूप में है, तो कोई तो कमल, कलार (श्वेतकमल), कुमुद और उत्पल के
रूप में स्थित हैं