Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 41, Verse 24
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 41, verse 24 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 41 · श्लोक 24
संस्कृत श्लोक
सा समग्रजगद्भूतखगबन्धनवागुरा ।
यः स्वप्नभूमिवद्भ्रान्तमसत्सद्ह्येकनिश्चयः ॥ २४ ॥
हिन्दी अर्थ
असत् यानी अतीत, सत् यानी वर्तमान यों दो
रूपवाले मनन के विषय में “यह सत्य ही है या यह असत्य ही है” इस एकरूप दृढ़ निश्चय से युक्त होकर
जो आसक्तात्मा अधिकारी पुरुष जगत को स्वप्न की भूमि की भाँति भ्रान्तिमात्र देखता है, वह दु:ख में
निमग्न नहीं होता