Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 34, Verse 13
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 34, verse 13 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 34 · श्लोक 13
संस्कृत श्लोक
असच्छरीरं विबुधाः कोऽसावहमिति स्थितिः ।
विचारादित्थमेतेषां प्रोदगुर्न भयादयः ॥ १३ ॥
हिन्दी अर्थ
जिनसे उरना चाहिये और जिसके लिए डरना चाहिये, वे दोनों ही मिथ्या है, इस प्रकार से उनमें
भय का उदय नहीं हुआ, ऐसा कहते हैँ ।
शरीर ओर देवता दोनों ही असत् हैं ओर मैं कोन हूँ, इस विचार से उनमें भय आदि की उत्पत्ति नहीं
हुई