Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 33, Verse 60
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 33, verse 60 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 33 · श्लोक 60
संस्कृत श्लोक
अनया दुरहंकृत्या दामव्यालकटाः किल ।
तां दशां समनुप्राप्ता या कथास्वपि खेददा ॥ ६० ॥
हिन्दी अर्थ
उसमें पूर्वोक्त उपाख्यान का भी दृष्टान्तरूप से उल्लेख करते हैं।
हे श्रीरामचन्द्रजी, इस दुरहंकार से ही दाम, व्याल और कट उस दशा को प्राप्त हुए, जिसे कथा में
भी सुनकर दुःख होता है