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Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 32, Verse 22

This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 32, verse 22 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.

स्थिति प्रकरण · सर्ग 32 · श्लोक 22

संस्कृत श्लोक

सकटः क्रकरः श्रुत्वा तत्कथासंस्मृतात्मभूः । शान्तमित्थं महाशान्तं परं निर्वाणमेष्यति ॥ २२ ॥

हिन्दी अर्थ

उस मैनारूपधारी कट का, जिसे उस कथा को सुनकर अपरिच्छिन्न आत्मा का स्मरण हो जायेगा, शम्बर द्वारा कल्पित जीवरूप बाधित हो जायेगा, इस तरह वह आवागमनशून्य परम निर्वाण को प्राप्त होगा