Yoga Vasistha — Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 32, Verse 19
This page presents the Yoga Vasistha (Yogvashistha), Sthiti Prakarana (Existence), Sarga 32, verse 19 — the original Sanskrit shloka(s) with their Hindi meaning.
स्थिति प्रकरण · सर्ग 32 · श्लोक 19
संस्कृत श्लोक
तस्मिंस्तद्भूमिपामात्यो नरसिंह इति श्रुतः ।
करामलकवद्दृष्टबन्धमोक्षो निवत्स्यति ॥ १९ ॥
हिन्दी अर्थ
उसमें उस राजा का मन्त्री रहेगा, जो नरसिंह नाम से विख्यात
होगा ओर जिसे बन्ध ओर मोक्ष श्रुति, युक्ति, गुरु उपदेश और अपने अनुभव से करामलक के समान
निश्चय होगा